Monday, October 4, 2010

    • राष्ट्रमाता
००४, सोनमचंद्रा , ओल्ड गोल्डन नेस्ट, फेस -०१, मीरा रोड -४१०१०७ ,
९२२२९५९१३० .
डी -११७ , सोनल -अमित शोपिंग सेंटर , अपोजिट-सत्यम शिवम सेंटर , नालासोपारा (वे)-४०११०३

प्रोफाइल

राष्ट्रमाता एक विज्ञापन एजेंसी है . इसका गठन सन २००५ में हुआ.राष्ट्रमाता , भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के आर .एन.आई. द्वारा मान्यता प्राप्त है
इसके प्रोप्राइटर मुकेश कुमार मासूम हैं. इसका रजिस्टर्ड नंबर ८८१२१ तथा नया रजिस्टर्ड नंबर एम् ऐ एच आई एन /२००५/१५५६४ है . राष्ट्रमाता का रजिस्टर्ड कार्यालय -सेक्टर बी
-३/१९, बी एम् सी कॉलोनी , संतोषनगर , गोरेगांव (पूर्व)मुंबई-६५ है. वर्तमान कार्यालय - सोनल -अमित शोपिंग सेंटर ,डी-११७ , अपोजिट सत्यम शोपिंग सेंटर, नालासोपारा (वेस्ट)
और ००४, सोनमचंद्रा , ओल्ड गोल्डन नेस्ट, फेस -०१, मीरा रोड -४१०१०७ हैं.
राष्ट्रमाता का सालाना टर्नओवर लगभग बारह लाख (१२००००० ) है.
राष्ट्रमाता का मुख्य कार्य विज्ञापनों के लिए आर्ट वर्क, डिजाइन आदि तैयार करना है. अपने ग्राहकों के आदेश पर राष्ट्रमाता समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करवाती है .
कंपनियों की डिमांड के अनुसार भाषा अनुवाद करना, स्क्रिप्ट लेखन कैचलाइन अथवा अन्या सामग्री तैयार
करना इसका प्रमुख कार्य है.
यह एजेंसी प्रोप्राइटरशिप है. इसके स्वामी मुकेश कुमार मासूम हैं. इसके प्रमुख और नियमित ग्राहकों में आर.ई.पी एल. के प्रोडक्ट जैसे वीगोरा ,ब्रेस्ट्रीम आदि हैं. इसी प्रकार
दन्तावली , पंखुड़ी फार्मा का लिराज, मदन मित्रा औषधालय का मदन मित्रा , आयुरेक्स ,आयुरेक्स कंपनी का यसेक्स आदि कंपनियां हैं. 'राष्ट्रमाता ' अपने ग्राहकों को
प्रिंट मीडिया संबंधी सलाह उपलध कराती है.
आगामी योजनाएं- राष्ट्रमाता अपना विस्तार एनी राज्यों जैसे नॉएडा और हरियाणा प्रदेशों में भी करना चाहती हैं. ताकि वहाँ के अपने नियमित ग्राहकों को अच्छी और सुलभ
सेवा प्रदान की जा सके. राष्ट्रमाता भविष्य में टी.वी. विज्ञापन के क्षेत्र में भी अपनी सफलता को दोहराना चाहती है.












Wednesday, July 14, 2010

सेवा में ,
परमपूज्य . परम आदरणीय बहनजी
क्रांतिकारी अभिवादन सहित जय भीम .
सादर चरण स्पर्श .
विषय -आपको प्रधानमंत्री बनाने के उद्देश्य से जन -जन में जोश जगाने और आपकी महान कीर्ति
के बारे में लिखे गए गीतों के लिए आपका शुभकामना सन्देश प्राप्त करने बाबत .

मैं , मुकेश कुमार मासूम (पैत्रक गाँव जेवर, यू.पी. )हूँ. बहुजन समाज पार्टी का मुंबई उपाध्यक्ष और १४५, मीरा-भायंदर विधानसभा क्षेत्र से
बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर २००९ में विधान सभा का चुनाव भी लड़ा था . आपसे कई बार मुलाक़ात भी
हो चुकी हैं . माननीय श्री रामअचल राजभर जी के साथ भी कई बार आपके दर्शन कर चु़का हूँ.
आपके आशीर्वाद से मुंबई में होने वाली आपकी लगभग सभी प्रेस कोंफ्रेंस का मीडिया इंचार्ज भी रह चुका हूँ.
जैसा कि आपको विदित है मैं मुबई संध्या (हिन्दी, मराठी ) और वृत्त मानस समाचार पत्र समूह का कार्यकारी संपादक
और राष्ट्रीय पत्रकार संघ-मुंबई का अध्यक्ष भी हूँ . साथ ही फिल्म राइटर्स असोसियेशन का सदस्य हूँ . देश भर के करोड़ों लोग
जिस तरह से आपको देश के प्रधानमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं , मैं भी उस पवित्र मिशन का एक छोटा सा हिस्सा हूँ. देश भर में
जाग्रति लाने और जन -जन तक आपके आदर्शों, उत्तर प्रदेश में किये जनहित के कार्यों को फैलाने के लिए मैंने ८ गीत लिखे हैं .
इनका संगीत तैयार करवाके , इन्हें देश के महान गायकों जैसे मोहम्मद अजीज . पद्मश्री कुमार शानू , भजन सम्राट अनूप जलोटा ,
घुंघरू वाले कव्वाल श्री भारती आदि की आवाजों में रिकार्ड करवाया गया है. इसका नाम मैंने ' इन्साफ की देवी ' रखा है. ये सभी गीत
फिल्म राइटर असोशियेशन द्वारा रजिस्टर्ड हैं , कई सालों के अथक प्रयास के बाद इन सभी गीतों को मैंने खुद लिखा है. इन सभी गीतों
का संगीत और धुन सभी मौलिक है. अर्थात किसी और गीतों से मिलता -जुलता अथवा किसीसे प्रभावित नहीं है. इन सभी गीतों में सादगीपूर्वक
यह बताने की कोशिश की गयी है कि माननीय बहनजी को प्रधानमंत्री क्यों बनाना चाहिए . और वे प्रधानमंत्री पद की सबसे उपयुक्त उम्मीदवार क्यों है ?
इनमे किसी भी पक्ष की बुराई नहीं की गयी है. बहुजन समाज पार्टी की नीतियों को मिशनरी तरीके से रखा गया है. सभी गीत मैंने लिखकर भी इस पत्र
के साथ संलग्न कर दिए हैं. आशा है आप इसे पढकर , और इस सी.डी. को सुनकर भाव विभोर हुए बिना नहीं रहेंगी .आदरपूर्वक मेरा दावा है कि
इस तरह के गीत आपने आज तक न तो सुने होंगे और ना सुन पाएंगी .
आपसे प्रार्थना है कि एक शुभकामना पत्र भेजने की कृपा करें ताकि मैं इससे भी अच्छे गीतों की रचना कर सकूं और आपको प्रधानमंत्री बनाने का , देश के करोड़ों
लोगों का ,जों ध्येय है, मैं भी उसमे अपना अल्प ही सही मगर योगदान दे सकूं.
आपका विश्वशनीय -
-मुकेश कुमार मासूम
उपाध्यक्ष , मीडिया प्रभारी
बहुजन समाज पार्टी मुंबई
००४, सोनम चंद्रा , आई विंग
ओल्ड गोल्डन नेस्ट , मीरा रोड -४०११०७
मोबाइल -०९९६७९४८१६६

Friday, June 18, 2010

शेर ,

रग -रग में जिसके सिर्फ हिन्दुस्तान बसा है
जाति-धर्म से दूर इक इंसान बसा है
ऐसी सोनिया को गगन भी नमन करेगा
जिसके दिल में त्याग और बलिदान बसा है

गीत



मुखड़ा -सारे जग में भारत का , जिसने सम्मान बढ़ाया है
जाति-धर्म और प्रांतवाद का, जिसने भेद मिटाया है
कांग्रेस ही ऐसी है जो , सबकी खरी हितैषी है ,
इंदिरा जी, राजीव , सोनिया , राहुल जी की माया है


अंतरा -देश की खातिर खून बहाया।
जो
रोते थे उन्हें हँसाया ।
बेबस , बेघर, शोषित , पीड़ित ।
दलितों को अधिकार दिलाया ।


क्रोस -
सदियों से जो पिसते आये , उनको गले लगाया है।

राहुल जी की माया है , सब राहुल जी की माया है।


शेर ,२
अब न कोई निराश होगा , न कोई उदास होगा ।
हर घर में प्रकाश होगा , अंधेरों का विनाश होगा ।
श्री प्रदीप जैन आदित्य, बन गए हैं मिनिस्टर ।
अब गाँव -गाँव का , सर्वांगीण विकास होगा ।

अंतरा, २-
गांधीजी के सपनों का अब , हमको देश बनाना है ।
जन्म -जन्म से जहाँ अन्धेरा , वहाँ उजाला लाना है ।
जिन पर जुल्म हुए हैं यारो ,सबको न्याय दिलाना है।
रोटी , कपड़ा , रोजगार और घर का फर्ज निभाना है ।
क्रोस,२-

इस भारत से निर्धनता का करने चले सफाया है।
राहुल जी की माया है , सब राहुल जी की माया है

अंतरा -३,
उंच -नीच का भेद भुलाकर , सब लोगों से प्यार किया
झांसी से बन गए विधायक , सेवा व्रत स्वीकार किया
सांसद और मिनिस्टर बनकर , सबजन का उद्धार किया
गाँव -गाँव को चमन बनाया ,ज़ुल्मों का प्रतिकार किया
क्रोस- राहुल जी के कहने पर ,हर इक फ़र्ज़ निभाया है .

अंतरा-४

सच्चे सेवक, अच्छे नेता , श्री आदित्य हमारे हैं
सबके तुमने आंसू पोंछे ,बिगड़े काम सँवारे हैं
-----------------------ये तो राजदुलारे हैं
दीं दुखी और निर्बल-निर्धन सबके आप सहारे हैं

क्रोस-४
आदित्य जी ने घर-घर जाकर सबको गले लगाया है

-मुकेश मासूम

Sunday, June 13, 2010

सारे जग में भारत का , जिसने सम्मान बढ़ाया है
जाति-धर्म और प्रांतवाद का, जिसने भेद मिटाया है
कांग्रेस ही ऐसी है जो , सबकी खरी हितैषी है ,
इंदिरा जी, राजीव , सोनिया , राहुल जी की माया है

देश की खातिर खून बहाया, जो रोते थे उन्हें हँसाया
बेबस , बेघर, शोषित , पीड़ित , दलितों को अधिकार दिलाया
सदियों से जो पिसते आये , उनको गले लगाया है।
शेर


रग -रग में जिसके सिर्फ हिन्दुस्तान बसा है
जाति-धर्म से दूर इक इंसान बसा है
ऐसी सोनिया को गगन भी नमन करेगा
जिसके दिल में त्याग और बलिदान बसा है

Sunday, May 30, 2010

राग राहुल
जब -जब मंहगाई का ग्राफ चढता है और जनता खून के आंसू रोने लगती है तब-तब कांग्रेस के चतुर रणनीतिकार राग राहुल छेड़ देते हैं. मीडिया प्रबंधकों की टीम के साथ राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के दौरे पर भेज दिया जाता है. वहां राहुल गांधी किसी दलित की झोपडी में दिखाई देते है . किसी दलित बच्चे के साथ फोटो खिचवाते हुए नजर आते हैं. सब जानते हैं कि वहां पर कांग्रेस की महा जनसभा की ताकत तो है नहीं , इसलिए मीडिया के माध्यम से वे मुख्यमंत्री मायावती को कोसते नजर आते हैं. इससे कांग्रेस को अंशकालिक तौर पर यह फायदा होता है कि पब्लिक का ध्यान कुछ समय के लिए ही सही मगर मंहगाई और केन्द्र की गलत नीतियों की तरफ से हट जाता है . मगर आज तक यह समझ नहीं आया कि राहुल गांधी को मीडिया आखिर इतनी तवज्जो क्यों देता है ?यह सवाल मुझसे इतने लोगों ने किया कि मै खुद भी अब अपने आप से यह सवाल करने लगा हूँ. कुछ लोग आशंका व्यक्त करते हैं कि मामला 'पैड न्यूज ' वाला तो नहीं है . हो भी सकता है . आखिर राजनीति में सब जायज है. कुछ कहा नहीं जा सकता . क्योंकि राजनीति में सिर्फ और सिर्फ जीत का महत्त्व है, चाहे वो किसी भी तरह से हासिल की जाए. अब किसी भी तरह में सब कुछ आ जाता है . क्यंकि कभी भी कोई राहुल गांधी से यह नहीं पूछता कि भई , आप ज्यादातर दौरे उन्हीं राज्यों में क्यों करते हो जहाँ पर गैर कांग्रेसी सरकार है ? अब कुछ कांग्रेस समर्थक ये कह सकते हैं कि जहाँ-जहाँ कांग्रेस कजोर है, उसे मजबूत करने का काम राहुल गांधी कर रहे हैं. और जाहिर सी बात है कि जहाँ किसी दूसरे दल की सरकार है वहाँ तो कांग्रेस कमजोर होगी ही, इसीलिए राहुल गांधी वहां पार्टी का संगठन मजबूत करने के लिए जाते हैं. खुद राहुल भी इस बात को बार-बार बल्कि हर बार स्वीकार करते हैं कि वे युवाओं को कांग्रेस पार्टी से जोड़ना चाहते हैं, वे कांग्रेस का संगठन इतना मजबूत करना चाहते हैं कि केन्द्र में स्पष्ट बहुमत की सरकार बन सके. जब राहुल गांधी का सपना बस कांग्रेस को मजबूत करना ही है, तो इसमें कौन सी खास बात हो गयी ? अपने -अपने संगठन को तो सब मजबूत करते ही हैं. जो नेता भाजपा में है, वह भाजपा को मजबूत करेगा , जो बसपा में है वह बसपा को और कोई अन्य अपनी पार्टी को . जिस पार्टी की केन्द्र में सरकार होती है , उसके सांसदों का फर्ज होता है पूरे देश के लिए काम करने का. क्या इस फर्ज को राहुल गांधी निभा रहे हैं ? केन्द्र के अलावा देश के कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार है , इसके बावजूद लोगों का बुरा हाल है. करोड़ों पढ़े-लिखे बेरोजगार हैं करोड़ों अनपढ़ हैं और करोड़ों लोग बेघर हैं. कई करोड लोग घास -फूंस के झौप्दों में रहने के लिए अभिशप्त हैं. इसके बावजूद केन्द्र में बैठी निकम्मी सरकार लोगों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय उन पर नमक छिड़क रही है और राहुल गांधी गरीबों के साथ फोटो खिंचवाकर खुश हैं. करने के नाम पर बस वे उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को कोस लेते हैं उन पर आरोप लगाते हैं कि उन्होंने दलितों के लिए कुछ नहीं किया . कांग्रेस वाले राहुल बाबा को इतना भी नहीं समझाते कि इस देश पर ज्यादातर राहुल के बाप दादा , नाना की सरकार रही हैं. आज भी पी एम् की कुर्सी पर एक ऐसे व्यक्ति को बैठाया गया है जो सिर्फ नाम के लिए पी एम् है बाकी आदेश राहुल गांधी के परिवार का ही चलता है. तब भी दलितों की हालत बदतर क्यों है ? इसके बावजूद भी देश का भला क्यों नहीं हो रहा ? और राहुल गांधी क्यों नहीं कहते कि दलितों के हित में कोई अभियान चलाइए , पिछड़ों के हित में काम कीजिये , अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए कार्य करो. जो बेरोजगार हैं उनके लिए नौकरियों का सर्जन करो या प्रभावी तरीके से उनके लिए ऐसी व्यवस्था करो जिससे कि पढ़े -लिखे बेरोजगार लोग उद्धोग धंधे करके परिवार का पेट पाल सकें. जिनके घर नहीं हैं, उन्हें घर देने की पहल होनी चाहिए . क्या जब भाजपा की सरकार आएगी, राहुल तब उनसे ये मांग करेंगे ?तब इन्हें सब याद आएगा . जिस सरकार ने देश का बेडा गर्क कर दिया , ऐसी सरकार को चलाने वाली मुखिया पार्टी यानि कांग्रेस का संगठन मजबूत करने से फायदा किसको होने वाला है ? सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी को. इस देश के चंद धन्नासेठों को. मुट्ठी भर मिलावट खोरों को . बे ईमानों को , रिश्वतखोरों को ? तो ऐसी पार्टी के संगठन में जुड़ने से क्या युवाओं के पेट की आग बुझ जायेगी ? कब तक राहुल राग छेड़कर देशवासियों को भ्रमित करते रहोगे ? अआखिर कब तक ?
-मुकेश कुमार मासूम

Wednesday, May 5, 2010

विचार मंच 1


कसाव को फंसी होने दीजिए
बचाने के लिए कांग्रेस है न
-मुकेश कुमार मासूम
देश में आतंकवाद के जड़ें दिनों दिन मजबूत होते जा रही हैं। सरकार करने के लिए बस इतना ही करती है कि जहां कहीं बम कांड की घटना होती है वहाँ पर जांच पड़ताल का कार्य तेज कर दिया जाता है, कुछ नियम बदल दिए जाते हैं। बहुत हुआ तो एकाध अधिकारी का तबादला कर दिया जाता है, बम विस्फोट में मरे लोगों के आश्रितों को कुछ मुआवजा दी दिया जाता है, कुछ मंत्री दौरा करते हैं, पुलिस अधिकारी प्रेस कांफ्रेंस करते हैं। जांच कमेटी गठित होती है , और और सब लोग अगले बम कांड होने का इन्तजार करने लगते हैं। १३ फरवरी को पुणे में बम विस्फोट हुआ , उसमे ५ विदेशी सहित १७ लोग से ज्यादा मारे गए । कई घायल हुए। गृह मंत्री आर आर पाटिल ने खुद सदन को बताया कि आरोपियों की शिनाख्त कर ली गयी है। मगर क्या हुआ । आज इतने महीनों के बाद भी कुछ नहीं हुआ । सरकार कहती रही कि इस बम कांड में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ है लेकिन सिर्फ कहने भर से क्या हुआ ? पुलिस सिर्फ यही कहती रही कि 'जांच सही दिशा में चल रही है ' । २६ नवंबर २००८ को क्या हुआ ? महज दस लोगों की फ़ौज ने मुंबई पर हमला कर दिया। यानी कि देश पर हमला कर दिया। सारा ख़ुफ़िया तंत्र , सारी पुलिस, नेवी अधिकारी सब देखते रह गए और दस लोग मुंबई को तहस -नहस कर गए। उनमे से ९ आतंकवादी मारे गए और अब दसवा जीवित बचा है - कसाव। आमिर अजमल कसाव की सुरक्षा पर ट्रायल के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने ३१ करोड रुपये खर्च किये । भारत जैसे गरीब देश के लिए खर्च की रकम का यह आंकडा मामूली नहीं हो सकता। आज उसी कसाव को विशेष अदालत सजा सुनाएगी , बहुत संभव है उसे फांसी की सजा ही दी जाए , और यह सब पुलिस अधिकारियों के अथक परिश्रम , सबूत , गवाह आदि के बल पर और सरकारी वकील के तर्कों की बदौलत संभव हो सकेगा। मगर सजा सुनाये जाने के बाद भी क्या किलिंग मशीन कसाव को फांसी पर इतनी आसानी से चढाया जा सकता है ? इसे लेकर देश में संशय का माहौल है । सब जानते हैं कि अभी तक ५० ऐसे खतरनाक अपराधी हैं, जिन्हें वर्षों पहले फांसी की सजा तो सुनाई जा चुकी है मगर अभी तक फांसी का फंदा उसनके गले से बहुत दूर है। क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति के पास दया याचिका कर रखी है। अब तर्क की बात ये है कि जब पहले से ही खूंखार अपराधी सजा भुगतने के लिए वोटिंग लिस्ट में हैं तो इस नए मामले का क्या होगा ? संसद अर्थात देश के सबसे बड़ी पंचायत पर हमला हुआ।उस आरोप में अफजल गुरु नामक अपराधी को गिरफ्तार किया गया। सर्वोच्च अदालत ने उसको फांसी की सजा सुनाई , लेकिन आज भी वह ज़िंदा है। उसने मर्सी पिटीशन जो डाल रखी है, जिसका क्रमांक २८ है । जाहिर सी बात है कि जब तक पहले ५० अपराधियों को फांसी नहीं दी जाती , अथवा उनका कोई फैसला नहीं होता तब तक कसाव भी सरकारी मेहमान नवाजी का लुत्फ़ उठा सकता है और ईद के दिन तो नॉन वेज भी खा सकता है। भारत सरकार पहले भी मौलाना मसूद अजहर , उम्र शेख और मुस्ताक जरगर जैसे खतरनाक अपराधियों को छोड़ चुकी है । अब तो आम आदमी को यह पक्का भरोसा हो गया है कि कोई भी दुश्मन हमारे यहाँ आकर तबाही मचा सकता है, हमारे जवानों पर गोलियाँ बरसाकर उन्हें शहीद कर सकता है मगर सजा उसे कुछ नहीं मिलेगी । अगर सजा का ऐलान हो भी गया तो कांग्रेस है न। बचा लेगी ।आखिर 'धर्मनिरपेक्षता ' का सवाल जो है । और बिना ऐसे सवालों के वोट नहीं मिला करते । सत्ता चाहिए तो वोट भी चाहिए ही। और वोट के लिए दया का दिखावा भी जरूरी ह